श्री चामुण्डा माता मंदिर
यह मंदिर जिला चिकित्सालय के बाहर स्थित है। शहर के बीचोबीच स्थित यह मंदिर शहरवासियों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। यहां मां चामुंडा की आकर्षक प्रतिमा विद्यमान है। नवरात्रि के दौरान यहां धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
इस मंदिर में माता पूर्व दिशा की ओर मुख करके विराजित है। मंदिर का जीर्णोद्धार 1971 में हुआ था। 'शारदीय नवरात्र' की महाष्टमी पर दोपहर 12 बजे माता की शासकीय पूजा होती है।
चैत्र नवरात्र तथा अंग्रेज़ी नववर्ष की पहली तारीख पर मंदिर में माता को छप्पन भोग लगाया जाता है तथा फूलों व फलों से आकर्षक सज्जा की जाती है।
छत्रेश्वरी चामुण्डा माता मंदिर में परिक्रमा पथ पर नवदुर्गा की मूर्तियां भी विराजित हैं। पृष्ठ भाग में हनुमान, महाभैरव तथा शिव का मंदिर भी है। भक्तों का कल्याण करने वाली माता चामुण्डा को मंगलकरणी भी कहा गया है।
इसलिए मंगलवार के दिन माता के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि लगातार बारह मंगलवार को माता के दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है।
